किस्मत और पूर्वनियति

कुछ मुसलमान मानते हैं कि भाग्य तो पहले से लिखा हुआ है। अगर ऐसा है तो फिर कुछ लोग उन कर्मों (अमाल) के लिए नरक में क्यों जायेंगे जो उनकी किस्मत में पहले से लिखे हुए थे ? इस बारे में तो वह कुछ नहीं कर सकते। इसके अलावा यह सवाल भी पैदा होता है कि…