पवित्र कुरआन का एक अनोखा अनुवाद 

सहरी से पहले क़ुरआन मजीद खोला। सूराह अल् बक़रा सामने थी। संसार का परवरदिगार यहूदियों और ईसाइयों पर प्रमाण स्थापित (हुज्जत कायम) कर रहा है। इसी के साथ ही इब्राहीम की नस्ल की दूसरी शाख़ा यानी बनी-इस्माईल (इस्माइल की औलाद) में से एक “मुसलमान-उम्मत” की नींव रखने का भी ऐलान हो रहा है। इसमें यहूद के गुनाहों का ज़िक्र है और में…

क़ुरआन की विषय-वस्तु   

लेखक: जावेद अहमद ग़ामदी अनुवाद: आकिब खान क़ुरआन के बारे में यह बात उस का एक आम पढ़ने वाला भी बहुत आसानी के साथ जान सकता है कि उसकी विषय-वस्तु (मोज़ू) सिर्फ़ वह  हक़ीक़तें हैं जिनको मानने और जिनसे पैदा होने वाले तक़ाज़ों को पूरा करने पर इंसान की हमेशा की कामयाबी का दारोमदार है।…

Javed Ahmad Ghamidi: A brief Introduction to his life and works

Javed Ahmad Ghamidi: A brief Introduction to his life and works

Author: Ammar Baksh A short, humble, witty old man has been creating tremors in the world of Islam that a few have noticed and many do not want to. He has explored almost every old school and has set out to restructure the age-old narratives of Islam. Javed Ahmad Ghamidi is a force to be…

An Interview of Javed Ahmad Ghamidi with an Indian News Channel

An Interview of Javed Ahmad Ghamidi with an Indian News Channel

This writing is based on the transcript of the interview of Javed Ahmad Ghamidi with Lemon News, India in 2013. You can watch the complete programme here. Host: Islam is a well established religion, and is meant to exist forever. However, with time and rapid changes in global politics, the understanding and image of Islam have…

हलाला

यह कहा जा सकता है कि हलाला[1] की अवधारणा (तसव्वुर) इस्लामी न्यायशास्त्र (फ़िक्हा) का सबसे शर्मनाक मुद्दा है। शरीअत के अनुसार, अगर पति अपनी पत्नी को तीसरी बार तलाक़ दे देता है तो वह दोनों फिर से शादी नहीं कर सकते सिवाय इसके कि पत्नी किसी और से शादी कर ले और वहां से भी उसे तलाक़…

यतीम पोते की विरासत

लेखक: जावेद अहमद ग़ामिदी  अनुवाद: मुहम्मद असजद पोते की विरासत में दादा और दादा की विरासत में पोते का कोई हिस्सा साफ तौर पर तो कुरआन में बयान नहीं हुआ, लेकिन أولاد (औलाद) और آبا (आबा) के शब्दों में लुग़त (शब्दकोश) और उर्फ़ (इस्तेमाल), दोनों के एतबार से दादा और पोता भी शामिल हो जाते…

Is Democracy Compatible with Islam?

There are some major misconceptions about this issue. Muslim societies had monarchs ruling them for a very long period, stretching about a thousand years. Therefore, their system of government was based on monarchy. Excluding the period of the Rightly Guided Caliphs which consisted of a democratic system of governance, the rest of the time it…