सैय्यदा आइशा (रज़ि.) की उम्र

आम तौर पर माना जाता है कि पैग़म्बर मुहम्मद स.अ.व. के साथ निकाह के वक़्त उम्मुल मोमिनीन (मुसलमानों की माँ) सैय्यदा आइशा (रज़ि.) की उम्र 6 साल थी। ये निकाह पैग़म्बर मुहम्मद स.अ.व. की पहली पत्नी सैय्यदा खदीजा (रज़ि.) की मृत्यु के बाद मक्के में हुआ था। सैय्यदा आइशा (रज़ि.) विदाई इसके तीन साल बाद…

पति की इजाज़त के बिना बाहर जाना

लेखक: शेहज़ाद सलीम अनुवाद: मुहम्मद असजद मज़हबी हलकों में यह माना जाता है कि एक पत्नी को घर से बाहर जाने के लिए पति की इजाज़त लेना ज़रूरी है। इस मामले में एक हदीस का हवाला दिया जाता है, जो कि इस प्रकार है: इब्न उमर (रज़ि.) से रवायत हैं कि एक बार एक महिला रसूलअल्लाह…

पत्नी का हमबिस्तरी से इंकार करना

लेखक: शेहज़ाद सलीम अनुवाद: मुहम्मद असजद निम्नलिखित हदीस की बुनियाद पर, आमतौर पर यह समझा जाता है कि अगर पत्नी पति से हमबिस्तर होने के लिए मना कर दे तो फ़रिश्ते उसे धिक्कारते हैं। अबू हुरैरा (रज़ि.) से रवायत हैं कि रसूलअल्लाह (स.व) ने फरमाया: “जब पति अपनी पत्नी को हमबिस्तरी के लिए कहे और वह…

पत्नी पर हाथ उठाने का अधिकार

कुरआन ने कुछ खास परिस्थितियों (हालात) में पति को अधिकार दिया है कि वह पत्नी को शारीरिक दंड दे सकता है और यह मामला एक बड़ी बहस का मुद्दा बन चुका है। इस पूरे मामले को इसके सही स्वरूप में समझना ज़रूरी है। कुरआन कहता है: وَاللَّاتِي تَخَافُونَ نُشُوزَهُنَّ فَعِظُوهُنَّ وَاهْجُرُوهُنَّ فِي الْمَضَاجِعِ وَاضْرِبُوهُنَّ فَإِنْ…

तलाक़ संबंधित मामले

ज़्यादातर लोग तलाक़ देने का सही तरीका नहीं जानते और आमतौर पर यह माना जाता है कि तीन बार तलाक़ बोल देने पर तलाक़ हो जाती है और पति-पत्नी का रिश्ता खत्म हो जाता है। यह धारणा कुरआन के विरुद्ध (खिलाफ) है। कुरआन में तलाक़ का तरीक़ा विस्तार से दिया गया है और वह इस…

हलाला

यह कहा जा सकता है कि हलाला[1] की अवधारणा (तसव्वुर) इस्लामी न्यायशास्त्र (फ़िक्हा) का सबसे शर्मनाक मुद्दा है। शरीअत के अनुसार, अगर पति अपनी पत्नी को तीसरी बार तलाक़ दे देता है तो वह दोनों फिर से शादी नहीं कर सकते सिवाय इसके कि पत्नी किसी और से शादी कर ले और वहां से भी उसे तलाक़…